सोशल मीडिया पर इन दिनों बच्चों और युवाओं में लगातार शॉर्ट वीडियो देखने की आदत को लेकर एक वैश्विक बहस ट्रेंड कर रही है। पब्लिक फोरम और सर्वे में माता-पिता व शिक्षकों का कहना है कि 15 से 30 सेकंड के वीडियो लगातार देखने के कारण बच्चों की एकाग्रता क्षमता (Attention Span) बेहद कम हो गई है, जिससे वे पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं। लोग इस विषय पर अपने-अपने विचार रख रहे हैं कि टेक कंपनियों को स्क्रीन टाइम पर कड़े नियंत्रण लगाने चाहिए या माता-पिता को खुद बच्चों का डिजिटल डिटॉक्स कराना चाहिए।
रील्स (Reels) की लत और युवाओं के घटते ‘अटेंशन स्पैन’ पर इंटरनेट पर छिड़ी बड़ी बहस

