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इंटरनेट पर इन दिनों बच्चों और युवाओं में लगातार रील्स और शॉर्ट्स देखने की लत को लेकर देशव्यापी बहस छिड़ गई है।जनता की राय: एक सर्वे और पब्लिक फोरम पर माता-पिता (Parents) और शिक्षकों का मानना है कि 15 से 30 सेकंड के वीडियो के कारण बच्चों का ध्यान केंद्रित करने की क्षमता (Attention Span) बेहद कम हो गई है। वे पढ़ाई या किसी गहरे विषय पर 5 मिनट भी फोकस नहीं कर पा रहे हैं। आम जनता का मानना है कि टेक कंपनियों को स्क्रीन टाइम कंट्रोल करने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह जिम्मेदारी पूरी तरह माता-पिता की है कि वे बच्चों को डिजिटल डिटॉक्स कराएं।

